प्रोडक्ट सही होकर भी कुछ बिज़नेस आगे क्यों नहीं बढ़ते: प्रोडक्ट अच्छा है, फिर भी आँकड़े वहीं के वहीं हैं। अंकशास्त्री पहले देखते हैं कि नाम फ़ाउंडर के नंबर का विरोधी तो नहीं, या ऐसे कंपाउंड नंबर पर तो नहीं जिसे क्लासिकल टेबल चेतावनी मानती है।
सुनने में एक जैसे दो नाम अलग टोटल पर क्यों आते हैं: सिर्फ़ आवाज़ सुनकर चुनी लिस्ट में कोई चेतावनी वाला कंपाउंड नंबर छिपा हो सकता है, या कोई नाम जो फ़ाउंडर का विरोधी है। चुनने से पहले लिस्ट के हर नाम का स्कोर देखिए।
कुछ बिज़नेस अपने सिखाए हुए लोगों को क्यों खो देते हैं: अच्छे लोग साल भर में छोड़ जाते हैं। अंकशास्त्री देखते हैं कि फ़ाउंडर का नंबर किसी और नंबर का काम तो नहीं कर रहा, और 8 वाला फ़ाउंडर अपने स्टाफ़ से कैसे पेश आता है।