शब्दावली
- उपाय किट Remedy kit
कड़ा, रुद्राक्ष, यंत्र और रत्न। परंपरा में इन्हें किसी ग्रह को बल देने के लिए पहना या घर में रखा जाता है। ये नियम के हिसाब से Pandit.com की लिस्ट से चुने जाते हैं।
- कंपनी ईयर Company year
पर्सनल ईयर का फ़ॉर्मूला, पर कंपनी के रजिस्ट्रेशन की तारीख पर लगाया हुआ। यह परंपरा को थोड़ा आगे बढ़ाकर बना है, और यहाँ यह बात साफ़ लिखी जाती है।
- कंपाउंड नंबर Compound number
नाम का जोड़, एक अंक तक घटाने से पहले। क्लासिकल टेबल में 10 से 52 तक पढ़ा जाता है। उससे ऊपर के नंबर न्यूमेरोलॉजी की परंपरा से पढ़े जाते हैं।
- कंपोज़िट (कुल स्कोर) Composite
Partner Check का स्कोर, -10 से +10 तक। दो फ़ाउंडर एक-दूसरे को चार तरह से कैसे देखते हैं, उसी से यह बनता है।
- कार्मिक डेट नंबर Karmic debt number
13, 14, 16 और 19, जब ये एक अंक तक घटाने से पहले जोड़ में आएँ। इन्हें कर्म का ऐसा कर्ज़ माना जाता है जो मेहनत से उतारा जा सकता है।
- कुआ नंबर Kua number
जन्म के साल से बना फ़ेंग शुई का नंबर। पुरुष और महिला का हिसाब अलग होता है। कुआ 5 होता ही नहीं, वो 2 या 8 बन जाता है। यह बताता है कि बैठते समय आपका मुँह किस दिशा में हो।
- कैल्डियन टेबल Chaldean table
क्लासिकल टेबल के लेटर नंबर, 1 से 8 तक। किसी लेटर का नंबर 9 नहीं होता। यहाँ पहले से यही टेबल लगती है।
- ग्रिड की ताकत Grid strength
लो शू ग्रिड की आठों लाइनें कितनी भरी हैं, उसका औसत। तिरछी लाइनों का वज़न 1.25 गिना जाता है।
- ग्रेड का वज़न Verdict weight
कंपाउंड नंबर का ग्रेड नेम स्कोर में कितने अंक देता है: बहुत बढ़िया 96, अच्छा 84, न्यूट्रल 60, मिला-जुला 55, सावधानी 42, इससे बचें 15, तय नहीं 50।
- जोड़ी का ग्रेड Pair grade
दोस्ती की टेबल में दोनों तरफ़ का रिश्ता जोड़कर बना ग्रेड: मेल में, चल जाएगा, मिला-जुला, खिंचाव वाला या विरोधी।
- दोस्ती की टेबल Friendship table
यह टेबल बताती है कि हर नंबर बाकी हर नंबर को कैसे देखता है: दोस्त, न्यूट्रल या विरोधी। यह दोनों तरफ़ से एक जैसी नहीं है। 1 का 2 को देखना और 2 का 1 को देखना अलग हो सकता है।
भारतीय परंपरा के 9 ग्रह और उनके नंबर। सूर्य 1, चंद्र 2, बृहस्पति 3, राहु 4, बुध 5, शुक्र 6, केतु 7, शनि 8, मंगल 9।
- नामांक (नेम नंबर) Name number
नाम के हर लेटर को कैल्डियन टेबल से नंबर मिलता है। सबको एक बार जोड़ते हैं, फिर एक बार घटाकर एक अंक तक लाते हैं।
- परिवार Families
नंबरों के तीन ग्रुप: {1, 2, 4, 7}, {3, 6, 9} और {5, 8}। जो नाम मालिक के ग्रुप में आता है, उसे पहले रखा जाता है।
- पर्सनल ईयर Personal year
जन्म की तारीख, जन्म का महीना और जिस साल को पढ़ना है, तीनों को अलग-अलग एक अंक तक लाकर जोड़िए। फिर लॉन्च की सीढ़ी पर उसका क्रम देखा जाता है।
- पर्सनल डे Personal day
पर्सनल मंथ में आज की तारीख जोड़िए, फिर एक अंक तक लाइए।
- पर्सनल मंथ Personal month
पर्सनल ईयर में कैलेंडर का महीना जोड़िए, फिर एक अंक तक लाइए।
- पसंद का क्रम Favoured order
किसी सेक्टर के लिए जो नंबर अच्छे बताए गए हैं, वो पसंद के क्रम में। पहले नंबर को 96 मिलते हैं, फिर 90, 84 और 78।
- पाइथागोरियन टेबल Pythagorean table
A से Z के क्रम में लेटर के नंबर, 1 से 9 तक। यह दूसरी नज़र से देखने के लिए है।
- प्लेन (ग्रिड की लाइनें) Planes
लो शू ग्रिड की आठ लाइनें: मेंटल, इमोशनल, प्रैक्टिकल, थॉट, विल, एक्शन, गोल्डन और सिल्वर।
- फ़ाउंडर फ़िट (फ़ाउंडर से मेल) Founder fit
नाम का आखिरी नंबर फ़ाउंडर के मूलांक और भाग्यांक से मेल खाता है या नहीं। जवाब चार में से एक होता है: मज़बूत, साथ मिलता है, न्यूट्रल या टकराव।
- बिज़नेस स्कोर Business Score
फ़ाउंडर, नाम, सेक्टर, समय, पार्टनरशिप और प्रॉपर्टी, सबको मिलाकर एक स्कोर। हिस्सों का वज़न 26/24/16/14/10/10 है। जितनी जानकारी दी गई, वज़न उसी के हिसाब से फिर से बँट जाता है।
- भाग्यांक Master number
डेट ऑफ बर्थ के आठों अंक एक बार जोड़िए, फिर एक अंक तक लाइए। इसे मास्टर नंबर भी कहते हैं (पहले कंडक्टर नंबर कहा जाता था)। यह बताता है कि साल आपके लिए क्या लेकर आते हैं। ओरिजिन नंबर यानी जन्म का नंबर, और मास्टर नंबर यानी लाइफ़ पाथ नंबर। यह 11, 22, 33 वाले मास्टर नंबर से अलग है।
- मना की गई जोड़ी Refusal pair
मूलांक की ऐसी जोड़ी जिसे अंकशास्त्री बिज़नेस पार्टनरशिप के लिए सीधे मना करते हैं: 1-8, 2-8, 2-9, 2-7, 3-6, 4-8, 4-9, 4-4, 8-8।
- मास्टर नंबर 11, 22, 33 Master numbers 11, 22 and 33
11, 22 और 33 (एक तरीके में 44 भी)। मास्टर वाले तरीकों में इन्हें घटाकर एक अंक नहीं किया जाता। यह भाग्यांक (मास्टर नंबर) से अलग है।
- मूलांक Origin number
जन्म की तारीख को जोड़कर एक अंक तक लाइए। इसे ओरिजिन नंबर भी कहते हैं (पहले ड्राइवर नंबर कहा जाता था)। यह बताता है कि आप काम कैसे करते हैं। ओरिजिन नंबर यानी जन्म का नंबर, और मास्टर नंबर यानी लाइफ़ पाथ नंबर।
- यूनिवर्सल ईयर Universal year
कैलेंडर के साल को जोड़कर एक अंक तक लाना। 2026 का 10/1 है।
- रिडक्शन (एक अंक तक लाना) Reduction
जोड़ के अंकों को तब तक जोड़ते रहिए, जब तक एक अंक न बचे। इसके 5 तरीके हैं। यहाँ पहले से सिंगल वाला तरीका लगता है।
- लॉन्च की सीढ़ी Launch ladder
लॉन्च के लिए पर्सनल ईयर का क्रम। 1, 5 और 6 सबसे मज़बूत। फिर 8, फिर 3, 2, 9 और 7। 4 सबसे कमज़ोर।
- लो शू ग्रिड Lo Shu grid
3 गुणा 3 का खाना: 4-9-2, 3-5-7, 8-1-6। इसमें डेट ऑफ बर्थ के अंक, मूलांक, भाग्यांक और कुआ नंबर भरे जाते हैं।
- वार का ग्रह Weekday planet
हर वार का एक ग्रह नंबर: रविवार 1, सोमवार 2, मंगलवार 9, बुधवार 5, गुरुवार 3, शुक्रवार 6, शनिवार 8। कोई वार 4 या 7 का नहीं होता।
- विवाद वाली जोड़ी Contested pair
ऐसी जोड़ी जिस पर अंकशास्त्रियों की राय बँटी है। कुछ इसे मना करते हैं, कुछ ठीक मानते हैं। ये जोड़ियाँ हैं 3-4, 7-8, 2-4, 2-6 और 6-9।
- शर्त Condition
ऐसा नंबर जो पूरे सेक्टर के लिए अच्छा है, पर उसके किसी एक हिस्से के लिए मना है। जैसे लॉजिस्टिक्स के लिए 8 ठीक है, पर तरल माल (लिक्विड) के लिए नहीं।
- सेक्टर टेबल Sector matrix
26 सेक्टर और 9 नंबरों की टेबल। हर नंबर का मैच स्कोर 15 से 96 तक लिखा है। जहाँ कोई नंबर रुका हुआ है, वहाँ वह सीधी रोक मानी जाती है, कम स्कोर नहीं।
- स्पेलिंग सुधार Respelling
नाम में एक या दो लेटर का बदलाव। नाम सुनने में वैसा ही रहता है, पर कंपाउंड नंबर बेहतर हो जाता है।