बिज़नेस

फ़ैसला टूल

बिज़नेस के एक सवाल पर हाँ, ना या शर्त के साथ जवाब। हर स्टेप के पीछे का नियम भी दिखता है।

  • फ़्री टूल
  • हर जोड़ सामने
  • हिंदी और इंग्लिश
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आपकी जानकारी

अपना सवाल चुनिए। टूल उसी सवाल का हिस्सा चलाता है और हर कदम उसके नियम के कोड के साथ दिखाता है। फिर फ़ैसला देता है। उस फ़ैसले पर कितना भरोसा है, यह इस पर टिका है कि आपने कितनी जानकारी दी।

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आपका नतीजा

पूरा हिसाब इसी पेज पर

यह मार्गदर्शन है, चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।

छोटे में

बिज़नेस के एक सवाल पर हाँ, ना या शर्त के साथ जवाब। हर स्टेप के पीछे का नियम भी दिखता है।

कैसे इस्तेमाल करें: भरिए: सवाल, डेट ऑफ बर्थ, बिज़नेस का नाम, बिज़नेस सेक्टर (ज़रूरी नहीं), साल (खाली छोड़ें तो यही साल), फिर बटन दबाइए।

यह कैसे काम करता है

आठ में से एक सवाल चुनिए। टूल उस सवाल से जुड़ा हिसाब ही चलाता है। समय के लिए पर्सनल ईयर की सीढ़ी। पार्टनर के लिए नंबरों की दोस्ती वाली टेबल। नाम बदलने के लिए नेम स्कोर। सेक्टर के लिए सेक्टर टेबल। डोमेन और फ़ोन के लिए उनकी अपनी रीडिंग। हर स्टेप अपने नियम के कोड के साथ दिखता है। भरोसा इस बात से बनता है कि आपने ज़रूरी-नहीं वाले खानों में से कितने भरे।

फ़ाउंडर एक बार में एक ही सवाल पूछते हैं। इस साल लॉन्च करूँ या नहीं। इस पार्टनर को साथ लूँ या नहीं। यह टूल उसी एक सवाल का जवाब देता है। और यह भी बताता है कि ज़्यादा पक्का जवाब देने के लिए उसे और क्या चाहिए।

यह कैलकुलेटर कैसे काम करता है

  • R-YEAR-LADDER लॉन्च का साल: पर्सनल ईयर का दर्जा और मूलांक से उसका रिश्ता। विरोध न हो और स्कोर 75 या ऊपर हो, तो हाँ। 40 या नीचे हो, या विरोधी हो, तो नहीं।
  • R-PERSONAL-MONTH कौन सा महीना: बारहों पर्सनल महीने मूलांक के सामने पढ़े जाते हैं। जो महीने दोस्त हैं, उनके नाम बताए जाते हैं।
  • R-NAME-SCORE नाम बदलें या नहीं: अभी का स्कोर 55 से नीचे हो और बेहतर स्पेलिंग मौजूद हो, तो हाँ। 75 या ऊपर हो, तो नहीं।
  • R-PARTNER-COMPOSITE अकेले या पार्टनरशिप में: जोड़ी मना हो, या कुल स्कोर -2 या उससे बुरा हो, तो नहीं। +2 या उससे अच्छा हो, तो हाँ।
  • R-PROFILE-VERDICT बिज़नेस या नौकरी: जहाँ परंपरा कुछ कहती है, वहाँ नंबर की प्रोफ़ाइल का फ़ैसला। नहीं तो शर्त के साथ।
  • R-CONFIDENCE भरोसा इससे बनता है कि जो जानकारी ज़रूरी नहीं थी, उसमें से आपने कितनी दी। इसलिए टूल आँकड़ों से ज़्यादा पक्का कभी नहीं बोलता।

यह आपको क्या नहीं बताता। फ़ैसला आपकी दी हुई जानकारी की एक रीडिंग है। यह कानूनी, पैसे या निवेश वाली सलाह नहीं है। यह आपके बाज़ार को भी नहीं जानता।

ऐसा क्यों

हर सवाल नियमों की एक कड़ी है, जो उसी इंजन पर चलती है। टाइमिंग के लिए पर्सनल ईयर की सीढ़ी, पार्टनर के लिए दोस्ती वाली टेबल, नाम बदलने के लिए नेम स्कोर, सेक्टर के लिए सेक्टर टेबल। कुछ भी मनगढ़ंत नहीं है। हर कदम एक नियम है।

सवाल-जवाब

मेरा जवाब शर्त के साथ क्यों है?

या तो कोई जानकारी छूटी है, या नंबर बीच वाले दर्जे में हैं। कदम खुद बता देते हैं कि बात कौन सी है।

क्या इसमें AI का इस्तेमाल होता है?

नहीं। ये तय नियमों की कड़ियाँ हैं, हर नियम के कोड के साथ। एक जैसी जानकारी पर हमेशा एक जैसे शब्द आते हैं।

क्या मैं ऐसा सवाल पूछ सकता हूँ जो लिस्ट में नहीं है?

कंसल्टेशन टूल सब कुछ एक तय क्रम में पढ़ता है। जो रीडिंग टूल नहीं दिखाता, वह पेड रिपोर्ट में मिलती है।

मेरा जवाब शर्त के साथ क्यों आया?

या तो कोई जानकारी छूट गई है, या नंबर बीच वाली रेंज में हैं। स्टेप पढ़कर पता चल जाता है कि वजह कौन सी है।