वेस्टर्न टेबल पर आपका लाइफ़ पाथ, एक्सप्रेशन, आत्मांक (सोल अर्ज) और पर्सनैलिटी नंबर। साथ में प्लेन्स ऑफ़ एक्सप्रेशन भी।
कैसे इस्तेमाल करें: भरिए: पूरा नाम, डेट ऑफ बर्थ (ज़रूरी नहीं), फिर बटन दबाइए।
यह कैसे काम करता है
हर लेटर को 1 से 9 तक एक नंबर मिलता है (A से I, फिर J से दोबारा)। सारे लेटर मिलकर एक्सप्रेशन नंबर देते हैं। वॉवेल (स्वर) A, E, I, O, U से आत्मांक बनता है। बाकी लेटर (Y भी) से पर्सनैलिटी नंबर। लाइफ़ पाथ के लिए महीना, तारीख और साल पहले अलग-अलग घटाए जाते हैं, फिर जोड़े जाते हैं। 11, 22 और 33 मास्टर नंबर हैं, इन्हें घटाया नहीं जाता।
सवाल-जवाब
Y को कॉन्सोनेंट (व्यंजन) क्यों गिना गया?
यह चार्ट एक पक्का नियम मानता है: सिर्फ़ A, E, I, O और U वॉवेल हैं। कुछ किताबें Lynn जैसे नामों में Y को वॉवेल मानती हैं। यहाँ ऐसा नहीं होता, ताकि एक ही नाम से हर बार वही नंबर निकलें।
प्लेन्स ऑफ़ एक्सप्रेशन क्या हैं?
हर लेटर चार में से किसी एक प्लेन का होता है: दिमाग़, शरीर, भावना या अंदर की आवाज़। लेटर गिनने से पता चलता है कि आपका नाम काम करने के किस ढंग की तरफ़ झुकता है।
मेरे लाइफ़ पाथ में 11, 22 या 33 क्यों आया?
ये मास्टर नंबर हैं। इन्हें आगे नहीं घटाया जाता। पर इनके एक अंक को भी साथ में पढ़ा जाता है: 11 के साथ 2, 22 के साथ 4, और 33 के साथ 6।