
- जोड़कर बनता है: 9 · मंगल
- फ़ैसला: न्यूट्रल
- रैंक: किसी रैंक वाली लिस्ट में नहीं
- नाम का वज़न: 60/100
- सोर्स: अंकशास्त्रियों की परंपरा (क्लासिकल टेबल के बाहर)
क्लासिकल मतलब
52 के बाद के नंबर क्लासिकल टेबल में नहीं हैं। 81 का मतलब अंकशास्त्रियों की परंपरा से आता है। इसे यहाँ इसलिए रखा है क्योंकि बिज़नेस के नाम अक्सर इस टोटल पर पहुँचते हैं। 81 जोड़कर 9 बनता है, जो मंगल का नंबर है। इसके अंदर 8 शनि है और 1 सूर्य। इन दोनों के पीछे 9 बनकर मंगल खड़ा है।
ऊपर से देखें तो 9 वाला नाम वैसे ही चलता है जैसे कोई भी 9: फैलता है, ताकत और लोगों के दम पर चलता है, पर कंट्रोल के मामले में सब्र कम रखता है। अंकशास्त्री इसे न्यूट्रल मानते हैं: न इसे ढूँढकर रखा जाता है, न हटाया जाता है। अंकशास्त्री इससे निकलने के लिए 86 बताते हैं।
इसे तभी रखिए, जब दो बदलाव के अंदर 9 पर इससे अच्छा कोई नंबर न मिले। 9 पर अच्छे टोटल ये हैं: 27 और 45।
बिज़नेस के लिए मतलब
न्यूट्रल: 86 पर ले जाइए। Name Score में इसका वज़न 60 है।
81 कैसे बनता है
8 शनि है और 1 सूर्य। जोड़कर 9 बनता है, इसलिए दोनों के पीछे मंगल खड़ा है।
क्या अंकशास्त्री बिज़नेस का नाम 81 पर रखेंगे?
तभी, जब पास में इससे अच्छा कुछ न हो। इसे न्यूट्रल माना जाता है। पास का कोई अच्छा कंपाउंड नंबर इससे बेहतर रहेगा।
9 बनाने वाले बाकी कंपाउंड नंबर
| कंपाउंड नंबर | फ़ैसला | नोट |
|---|---|---|
| 27 | अच्छा | |
| 45 | अच्छा | |
| 18 | इससे बचें | ब्रांड के लिए नुकसान वाला |
| 36 | इससे बचें | 3 और 6 की दुश्मनी |
9 कैसे चलता है
जोश, लोगों की ताकत और बड़ा पैमाना। फैलता है, ताकत और लोगों के दम पर चलता है, पर कंट्रोल के मामले में सब्र कम रखता है। 9 वाला बिज़नेस फैलता जाता है।
कंपाउंड और सिंगल नंबर को साथ कैसे पढ़ें
- कंपाउंड नंबर पहले पढ़ा जाता है, सिंगल नंबर बाद में। सिंगल नंबर से स्वभाव पढ़ा जाता है, किस्मत नहीं।
- एक ही सिंगल नंबर वाले दो नाम कंपाउंड नंबर से अलग हो जाते हैं। 23 और 41 एक बात नहीं हैं, न ही 18 और 27।
- हर कंपाउंड नंबर दो ग्रहों की जोड़ी है। 19 में सूर्य के साथ मंगल है। 18 में सूर्य के साथ शनि है, और दोनों आपस में दुश्मन हैं।
- 13, 14, 16 और 19 कर्म के कर्ज़ वाले नंबर हैं। इन्हें बिना छोटा किए पढ़ा जाता है।
- पास का अच्छा कंपाउंड नंबर दूर के सबसे बढ़िया नंबर से बेहतर है। एक लेटर बदलकर 37 पर पहुँचना, पूरा नया नाम रखकर 23 पर पहुँचने से ज़्यादा फ़ायदे का है, क्योंकि पुराने नाम की पहचान बची रहती है।
नाम 81 पर रखने से पहले चेक कीजिए
Name Variants आपके मौजूदा नाम को दो बदलाव के अंदर दोबारा लिखता है, और दिखाता है कि हर स्पेलिंग किस कंपाउंड नंबर पर पहुँचती है। Name Score कई नामों की लिस्ट को स्कोर के हिसाब से लगा देता है।
आगे पढ़ें
- Name Variants: नाम 81 पर रखने से पहले चेक कीजिए
- Name Score: नामों की लिस्ट को स्कोर दीजिए
- नंबर 9: 81 के पीछे का सिंगल नंबर