
- जोड़कर बनता है: 4 · राहु
- फ़ैसला: न्यूट्रल
- रैंक: किसी रैंक वाली लिस्ट में नहीं
- नाम का वज़न: 60/100
- सोर्स: अंकशास्त्रियों की परंपरा (क्लासिकल टेबल के बाहर)
क्लासिकल मतलब
52 के बाद के नंबर क्लासिकल टेबल में नहीं हैं। 58 का मतलब अंकशास्त्रियों की परंपरा से आता है। इसे यहाँ इसलिए रखा है क्योंकि बिज़नेस के नाम अक्सर इस टोटल पर पहुँचते हैं। 58 जोड़कर 4 बनता है, जो राहु का नंबर है। इसके अंदर 5 बुध है और 8 शनि। इन दोनों के पीछे 4 बनकर राहु खड़ा है।
ऊपर से देखें तो 4 वाला नाम वैसे ही चलता है जैसे कोई भी 4: धीरे बनता है, पैसा कभी ज़्यादा कभी कम आता है, और बिना सलाहकार के मुश्किल में पड़ सकता है। अंकशास्त्री इसे न्यूट्रल मानते हैं: न इसे ढूँढकर रखा जाता है, न हटाया जाता है।
इसे तभी रखिए, जब दो बदलाव के अंदर 4 पर इससे अच्छा कोई नंबर न मिले।
बिज़नेस के लिए मतलब
न्यूट्रल। Name Score में इसका वज़न 60 है।
58 कैसे बनता है
5 बुध है और 8 शनि। जोड़कर 13 और फिर 4 बनता है, इसलिए दोनों के पीछे राहु खड़ा है।
क्या अंकशास्त्री बिज़नेस का नाम 58 पर रखेंगे?
तभी, जब पास में इससे अच्छा कुछ न हो। इसे न्यूट्रल माना जाता है। पास का कोई अच्छा कंपाउंड नंबर इससे बेहतर रहेगा।
4 बनाने वाले बाकी कंपाउंड नंबर
| कंपाउंड नंबर | फ़ैसला | नोट |
|---|---|---|
| 13 | सावधानी | ज़्यादा उतार-चढ़ाव |
| 22 | सावधानी | ताकतवर, पर टिकता नहीं |
| 31 | इससे बचें | 37 पर ले जाइए |
| 40 | इससे बचें | |
| 49 | इससे बचें |
4 कैसे चलता है
टेक्नोलॉजी, बारीकी और देर से मिलने वाला फल। धीरे बनता है, पैसा कभी ज़्यादा कभी कम आता है, और बिना सलाहकार के मुश्किल में पड़ सकता है। 4 वाला बिज़नेस या तो टेक्नोलॉजी का काम होता है, या फिर संघर्ष।
कंपाउंड और सिंगल नंबर को साथ कैसे पढ़ें
- कंपाउंड नंबर पहले पढ़ा जाता है, सिंगल नंबर बाद में। सिंगल नंबर से स्वभाव पढ़ा जाता है, किस्मत नहीं।
- एक ही सिंगल नंबर वाले दो नाम कंपाउंड नंबर से अलग हो जाते हैं। 23 और 41 एक बात नहीं हैं, न ही 18 और 27।
- हर कंपाउंड नंबर दो ग्रहों की जोड़ी है। 19 में सूर्य के साथ मंगल है। 18 में सूर्य के साथ शनि है, और दोनों आपस में दुश्मन हैं।
- 13, 14, 16 और 19 कर्म के कर्ज़ वाले नंबर हैं। इन्हें बिना छोटा किए पढ़ा जाता है।
- पास का अच्छा कंपाउंड नंबर दूर के सबसे बढ़िया नंबर से बेहतर है। एक लेटर बदलकर 37 पर पहुँचना, पूरा नया नाम रखकर 23 पर पहुँचने से ज़्यादा फ़ायदे का है, क्योंकि पुराने नाम की पहचान बची रहती है।
नाम 58 पर रखने से पहले चेक कीजिए
Name Variants आपके मौजूदा नाम को दो बदलाव के अंदर दोबारा लिखता है, और दिखाता है कि हर स्पेलिंग किस कंपाउंड नंबर पर पहुँचती है। Name Score कई नामों की लिस्ट को स्कोर के हिसाब से लगा देता है।
आगे पढ़ें
- Name Variants: नाम 58 पर रखने से पहले चेक कीजिए
- Name Score: नामों की लिस्ट को स्कोर दीजिए
- नंबर 4: 58 के पीछे का सिंगल नंबर