
- जोड़कर बनता है: 8 · शनि
- फ़ैसला: मिला-जुला
- रैंक: 8 तक पहुँचने वाले 3 नंबरों में दूसरा
- नाम का वज़न: 55/100
- सोर्स: क्लासिकल कैल्डियन ग्रंथ (कंपाउंड टेबल 10–52)
क्लासिकल मतलब
44 जोड़कर 8 बनता है, जो शनि का नंबर है। इसके अंदर दो बार 4 है, यानी दोनों तरफ़ राहु। इन दोनों के पीछे 8 बनकर शनि खड़ा है।
ऊपर से देखें तो 8 वाला नाम वैसे ही चलता है जैसे कोई भी 8: पैसा देर से आता है, पर टिककर आता है। अंकशास्त्री इसे मिला-जुला मानते हैं: कुछ कामों में अच्छा, कुछ में नहीं।
इसे तभी रखिए, जब दो बदलाव के अंदर 8 पर इससे अच्छा कोई नंबर न मिले।
बिज़नेस के लिए मतलब
मिला-जुला। Name Score में इसका वज़न 55 है।
44 कैसे बनता है
दोनों 4 हैं, यानी दोनों तरफ़ राहु। जोड़कर 8 बनता है, इसलिए दोनों के पीछे शनि खड़ा है।
क्या अंकशास्त्री बिज़नेस का नाम 44 पर रखेंगे?
तभी, जब पास में इससे अच्छा कुछ न हो। इसे मिला-जुला माना जाता है। पास का कोई अच्छा कंपाउंड नंबर इससे बेहतर रहेगा।
8 तक पहुँचने वाले नंबर, रैंक के हिसाब से
| # | कंपाउंड नंबर | फ़ैसला |
|---|---|---|
| 1 | 26 | मिला-जुला |
| 2 | 44 | मिला-जुला |
| 3 | 17 | सावधानी |
8 बनाने वाले बाकी कंपाउंड नंबर
| कंपाउंड नंबर | फ़ैसला | नोट |
|---|---|---|
| 53 | न्यूट्रल | |
| 26 | मिला-जुला | दोनों तरफ़ खिंचाव |
| 17 | सावधानी | सबसे कमज़ोर 8 |
| 35 | इससे बचें | नुकसान वाला कंपाउंड नंबर |
8 कैसे चलता है
ढाँचा, मेहनत और टिकाऊपन। पैसा देर से आता है, पर टिककर आता है। कंस्ट्रक्शन और कानूनी काम में 8 सबसे आगे है। रियल एस्टेट, सिक्योरिटी और मैन्युफ़ैक्चरिंग में दूसरे नंबर पर है। फ़ाइनेंस, कंसल्टिंग और टेलीकॉम में भी अच्छा चलता है। यानी वो काम जहाँ लोहा, कानून, मेहनत और मशीनें ही असली माल हैं।
कंपाउंड और सिंगल नंबर को साथ कैसे पढ़ें
- कंपाउंड नंबर पहले पढ़ा जाता है, सिंगल नंबर बाद में। सिंगल नंबर से स्वभाव पढ़ा जाता है, किस्मत नहीं।
- एक ही सिंगल नंबर वाले दो नाम कंपाउंड नंबर से अलग हो जाते हैं। 23 और 41 एक बात नहीं हैं, न ही 18 और 27।
- हर कंपाउंड नंबर दो ग्रहों की जोड़ी है। 19 में सूर्य के साथ मंगल है। 18 में सूर्य के साथ शनि है, और दोनों आपस में दुश्मन हैं।
- 13, 14, 16 और 19 कर्म के कर्ज़ वाले नंबर हैं। इन्हें बिना छोटा किए पढ़ा जाता है।
- पास का अच्छा कंपाउंड नंबर दूर के सबसे बढ़िया नंबर से बेहतर है। एक लेटर बदलकर 37 पर पहुँचना, पूरा नया नाम रखकर 23 पर पहुँचने से ज़्यादा फ़ायदे का है, क्योंकि पुराने नाम की पहचान बची रहती है।
नाम 44 पर रखने से पहले चेक कीजिए
Name Variants आपके मौजूदा नाम को दो बदलाव के अंदर दोबारा लिखता है, और दिखाता है कि हर स्पेलिंग किस कंपाउंड नंबर पर पहुँचती है। Name Score कई नामों की लिस्ट को स्कोर के हिसाब से लगा देता है।
आगे पढ़ें
- Name Variants: नाम 44 पर रखने से पहले चेक कीजिए
- Name Score: नामों की लिस्ट को स्कोर दीजिए
- नंबर 8: 44 के पीछे का सिंगल नंबर